उत्तराखंड का जन नेता मुख्यमंत्री धामी दंगाइयों के खिलाफ कठोर कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं..

पहले देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून को लाये धामी जी अब दंगाइयों के खिलाफ कठोर कानून ला रहे है मुख्यमंत्री धामी…

सबसे सख्त नकल विरोधी कानून की तर्ज पर मुख्यमंत्री धामी टीम ने बनाया दंगाइयों के विरुद्ध देश का सबसे कड़ा क़ानून..

उत्तराखण्ड का सख़्त धर्मांतरण और नक़ल विरोधी क़ानून के बाद आ रहा है धामी जी का दंगाइयों के विरुद्ध देश का सबसे सख्त क़ानून

धामी सरकार द्वारा बनाया जा रहे सख्त कानूनो की अन्य राज्यों मे भी चर्चा, अपने-अपने राज्य में भी लागू करना चाहते हैं.. धामी का सख्त कानून मॉडल …

सीएम धामी की सीधी बात “देवभूमि में शांति व्यवस्था से नहीं करेंगे कोई समझौता” इसलिये दंगाइयों के खिलाफ कठोर कानून ला रहे है मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड का जन नेता मुख्यमंत्री धामी दंगाइयों के खिलाफ कठोर कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं..

बोलते है सूत्र धामी ला रहे हैं दंगाइयों के खिलाफ ऐसा कड़ा कानून जिसके तहत निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले से होंगी वसूली और भी बहुत कुछ..

बंद, हड़ताल, विरोध और प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक या निजी संपत्ति के साथ तोड़ फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.. धामी ला रहे है इससे भी सख्त कानून..

दंगाइयों के खिलाफ धामी जी का रुख : विरोध प्रदर्शन या हड़ताल के दौरान नुकसान पहुंचाने वाला शख्स को माना जा सकता है जिम्मेदार.. होंगी वसूली… आ रहा है दंगाइयों के खिलाफ धामी का कानून

मुख्यमंत्री धामी का दंगाइयों के खिलाफ होगा ऐसा कानून मतलब
जितनी क्षति उतनी ही होंगी वसूली…

अपने धाकड़ फैसलो से धामी ने लगभग 2 साल के कार्यकाल में पूरे देश में बनाई अलग पहचान, सख्त कानून लाने वाले और आगे भी धामी ही लाएंगे सख्त पर सख्त कानून

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अपने 2 साल के कार्यकाल में ही सीएम धामी ने अपने धाकड़ निर्णयों से पूरे देश में अलग पहचान बनाई है.. चाहे वह देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून हो या फिर विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पास कर पूरे देश को उत्तराखण्ड की ओर से समानता का संदेश देना 5 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना भी सीएम धामी की विशेष पहचान बनी है, मुख्यमंत्री धामी उत्तराखंड के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने लैंड जिहाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए भू-माफियाओं की कमर तोड़ के रख दी।
धामी सरकार का सख्त नकल विरोधी कानून युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए सशक्त आधार बना है। आज उत्तराखंड की छवि पूर्ण पारदर्शिता से प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करवाने वाले राज्य के रूप में तेजी से मजबूत हुई है। अब अन्य राज्य के युवा भी धामी सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने की मांग भी अपने-अपने राज्यों में कर रहे हैं।
अब एक ऐसा ही कठोर निर्णय सीएम धामी दंगाइयों के विरुद्ध भी लेने जा रहे हैं। सूत्रों की माने तों मुख्यमंत्री धामी टीम ने दंगाइयों के विरुद्ध देश का सबसे सख्त कनून को तैयार कर लिया है
और उत्तराखंड फिर एक बार धाकड़ धामी के नेतृत्व में दंगाइयों के खिलाफ कठोर कानून लाने के लिए तैयार है। माना जा रहा है आने वाले कुछ दिनों में ही दंगाइयों के विरुद्ध एक बिल विधानसभा में पेश किया जा सकता है। सीएम धामी ने इसके संकेत अपने पिछले कुछ बयानों में भी दिए थे, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट कहना है कि देवभूमि के शांतिपूर्ण माहौल को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा……
जिसके लिए वे दंगाइयों के खिलाफ कड़ा कानून.. लाने जा रहे हैं

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धामी ला रहे हैं दंगाइयों के खिलाफ ऐसा कड़ा कानून जिसके तहत निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले से होंगी वसूली ..

बंद, हड़ताल, विरोध और प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक या निजी संपत्ति के साथ तोड़ फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.. धामी ला रहे है ऐसा सख्त कानून

दंगाइयों के खिलाफ धामी जी का रुख : विरोध प्रदर्शन या हड़ताल के दौरान नुकसान पहुंचाने वाला शख्स को माना जा सकता है जिम्मेदार.. होंगी वसूली

मुख्यमंत्री धामी का दंगाइयों के खिलाफ होगा ऐसा कानून मतलब
जितनी क्षति उतनी ही होंगी वसूली है

दंगाइयों की पहचान एवं आपराधिक कार्यवाही की व्यवस्था है

दंगाइयों की संपत्ति से क्षतिपूर्ति की वसूली होती है.

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