एक राज्य का डीजीपी होना बड़ी जिम्मेदारी :डीजीपी अभिनव कुमार

एक राज्य का डीजीपी होना बड़ी जिम्मेदारी :डीजीपी अभिनव कुमार

 

नवनियुक्त डीजीपी अभिनव कुमार ने संभाला कार्यभार, गिनाई प्राथमिकताएं, चुनौतियों को भी किया साझा

कार्यभार संभालने के बाद डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती यातायात को दुरुस्त करने की है

 

मुख्यमंत्री धामी का 2025 तक नशा मुक्ति उत्तराखंड का लक्ष्य, इस दिशा में बेहतर रूप से काम करने की जरूरत : डीजीपी अभिनव कुमार

 

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार गुरुवार को रिटायर हो गए हैं. जिससे बाद नियुक्त डीजीपी अभिनव कुमार ने विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया. कार्यभार संभालने के बाद डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती यातायात को दुरुस्त करने की है. उन्होंने कहा वर्तमान समय में जाम की समस्या से आम जनता को दो-चार होना पड़ रहा है, लिहाजा, यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष फोकस रहेगा. प्रदेश में क्राइम की घटनाएं भी होती हैं, लेकिन क्राइम की घटनाओं से अधिक यातायात व्यवस्था चुनौती बनी हुई है, जिस पर युद्ध स्तर पर कार्यवाही करनी होगी….

नियुक्त डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा साइबर क्राइम भी एक बड़ी चुनौती है. साइबर क्राइम प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक पहुंच गया है. प्रदेश में ड्रग्स का बढ़ता प्रकोप भी बड़ी चुनौती है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साल 2025 तक नशा मुक्ति उत्तराखंड का लक्ष्य रखा है. जिस दिशा में बेहतर रूप से काम करने की जरूरत होगी. उन्होंने कहा उभरते हुए क्राइम को देखते हुए पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग में भी बदलाव करने की जरूरत है. इसके अलावा साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव भी सही ढंग से संपन्न कराना भी उनकी चुनौती है.

डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा बड़ी घटनाओं के खुलासे के लिए कोई डेडलाइन नहीं दी जा सकती है. उन्होंने कहा देहरादून ज्वैलरी लूटकांड का खुलासा अगले 1 से 2 महीने में कर दिया जाएगा. नेशनल इंस्टीट्यूशंस के पाठ्यक्रम को भी अपग्रेड करने की बात उन्होंने कही. उन्होंने कहा साइबर क्राइम के क्षेत्र में भी पुलिसकर्मियों को टेक्निकली स्ट्रांग किया जाएगा.

 

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कहा उत्तराखंड सरकार ने 2025 तक नशा मुक्ति उत्तराखंड का लक्ष्य रखा है, उसे साकार करने के लिए पुलिस विभाग, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करेगा. यह पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा जिला स्तर के अधिकारियों को कमा करने की पूरी आजादी मिले. उनको जरूरत के हिसाब से संसाधन मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. यही नहीं, अपने कॉलेज टाइम का जिक्र करते हुए अभिनव कुमार ने कहा 1983 में वो देहरादून में पढ़ाई कर रहे थे, उस दौरान देहरादून में काफी अधिक हरियाली हुआ करती थी, लेकिन इन 40 सालों में देहरादून का नक्शा ही बदल गया है

उत्तराखंड के नव नियुक्त कार्यकारी डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि एक राज्य का डीजीपी होना बड़ी जिम्मेदारी होती है. उत्तराखंड का गठन होने के बाद से मैं यहां तैनात हूं. जिस पुलिस बल का गठन मेरे सामने हुआ, आज उसका नेतृत्व करने का मौका मिला है.



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