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गीता धामी ने कहा कि सामाजिक सेवा ही मानवीय जीवन का मूल है और जब सेवा किसी परिवार की परंपरा बन जाती है तो उसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह पूरे समाज की चेतना को जागृत करता है।

गीता धामी ने कहा कि सामाजिक सेवा ही मानवीय जीवन का मूल है और जब सेवा किसी परिवार की परंपरा बन जाती है तो उसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह पूरे समाज की चेतना को जागृत करता है।

उत्तराखंड
  गीता धामी ने कहा कि सामाजिक सेवा ही मानवीय जीवन का मूल है और जब सेवा किसी परिवार की परंपरा बन जाती है तो उसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह पूरे समाज की चेतना को जागृत करता है।     मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर, देहरादून में विश्वमांगल्य सभा के तत्वाधान में आयोजित ‘मातृ संस्कार समागम’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बचपन और निजी जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन किसी विशेष सुविधा या संसाधनों से नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुशासन और संस्कारों की पूंजी से बना है। साधारण परिवार में पले-बढ़े होने के कारण उन्होंने प्रारंभ से ही मेहनत, ईम...