Friday, September 4News That Matters


जमीन पर उतरे मुख्यमंत्री धामी, हेल्पलाइन शिकायत पर मौके से ही कार्रवाई, जनता ने कहा—“यही है असली नेतृत्व”

 

जमीन पर उतरे मुख्यमंत्री धामी, हेल्पलाइन शिकायत पर मौके से ही कार्रवाई, जनता ने कहा—“यही है असली नेतृत्व”

 

 

 

 

सचिवालय के भीतर एक बैठक अभी-अभी समाप्त हुई थी और अगली बारी थी सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक की। अधिकारी बैठक कक्ष में फाइलों के साथ तैयार बैठे थे, घड़ी की सुइयों पर नजरें टिकाए, सबको इंतजार था मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आने का। माहौल बिल्कुल वैसा ही था, जैसा हर बार होता है—रूटीन, पूर्व निर्धारित और औपचारिक।

लेकिन इस बार कहानी ने अचानक करवट ली। मुख्यमंत्री उस बैठक में नहीं पहुंचे और यहीं से पूरे सिस्टम में हलचल मच गई। कोई समझ नहीं पा रहा था कि आखिर हुआ क्या है। अगले ही पल खबर आई मुख्यमंत्री ने अपना काफिला तैयार करा लिया है और वो सीधे निकल पड़े हैं, लेकिन सचिवालय की किसी बैठक के लिए नहीं, बल्कि जमीन पर सच्चाई देखने के लिए।

विवेक मदान, वह शिकायतकर्ता जिसकी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित थी। कुछ ही मिनटों में मुख्यमंत्री का काफिला देहरादून के राजपुर रोड स्थित जाखन क्षेत्र में ठीक उसी स्थान पर पहुंचा। मुख्यमंत्री बिना किसी औपचारिकता के सीधे विवेक मदान के पास पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ समस्या को सुना बल्कि मौके पर जाकर उसे परखा और समाधान की दिशा में तुरंत कार्रवाई का संदेश दिया।

निरीक्षण में सामने आता है कि विद्युत लाइन को अंडरग्राउंड करने के बाद फुटपाथ का समुचित भरान नहीं किया गया है, जिससे टाइल्स धंस चुकी हैं। कुछ स्थानों पर विद्युत लाइनें पूरी तरह भूमिगत भी नहीं हैं, जो सीधे तौर पर जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं।

यह भी पढ़ें -  देहरादून: भंडारी बाग में रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 44.58 करोड़ स्वीकृत, सीएम त्रिवेंद्र ने पहली किश्त 4.50 करोड़ जारी करने की दी मंजूरी

इसके बाद मौके का माहौल अचानक बदल जाता है। सीएम धामी का लहजा सख्त हो जाता है—सीधा, तीखा और बिल्कुल स्पष्ट। उन्होंने अधिकारियों से पूछा, यह काम हुआ कैसे ? किसने इसकी गुणवत्ता की जांच की ? और अगर जांच हुई तो फिर यह स्थिति क्यों है ? उनकी नजरें सीधे अधिकारियों पर टिक जाती हैं और सवाल और भी कठोर हो जाते हैं जनता की सुविधा के नाम पर काम होता है या सिर्फ कागजों में दिखाने के लिए ? अगर यहां कोई हादसा हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता ? मौके पर ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। फुटपाथ का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण तत्काल कराने, सभी विद्युत लाइनों को मानकों के अनुरूप पूर्णतः भूमिगत करने और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि सरकारी काम में ढिलाई विकल्प नहीं है, यह सीधे जनता की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

 

इसके बाद जब मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे तो बैठक का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका था। बैठक की शुरुआत ही एक कड़े संदेश के साथ हुई आज मैं फाइलों से पहले जमीन की सच्चाई देखकर आया हूं और यह स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और लंबित मामलों पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि अब केवल कागजी रिपोर्ट नहीं चलेगी, हर शिकायत का फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। जो समस्याएं बार-बार सामने आ रही हैं, उनका स्थायी समाधान किया जाए, न कि केवल औपचारिक निस्तारण दिखाया जाए।

यह भी पढ़ें -  जनपद पौड़ी के धुमाकोट क्षेत्रान्तर्गत टिमरी गांव के पास बारात की बस हुई दुर्घटनाग्रस्त, SDRF रेस्क्यू टीमें मौके के लिए रवाना।

 

मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय की कमी पर भी कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि एक ही स्थान पर बार-बार खुदाई की प्रवृत्ति तत्काल बंद होनी चाहिए, यह जनता को अनावश्यक कष्ट देने के बराबर है। उन्होंने जनसुरक्षा से जुड़े मामलों जैसे विद्युत, सड़क और जलापूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अब समीक्षा केवल बैठकों में नहीं, बल्कि औचक निरीक्षण के माध्यम से भी होगी और जहां भी जमीनी स्तर पर लापरवाही पाई जाएगी, वहां सीधे कार्रवाई की जाएगी।

 

यह सिर्फ एक औचक निरीक्षण नहीं था बल्कि पूरे सिस्टम को एक स्पष्ट संदेश था। एक ऐसा नेतृत्व जो केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहता बल्कि जमीन पर उतरकर सच्चाई को देखता है, सवाल पूछता है और जवाबदेही तय करता है। सीएम हेल्पलाइन 1905 अब सिर्फ शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं बल्कि सीधे मुख्यमंत्री की निगरानी में चलने वाला एक सक्रिय और प्रभावी तंत्र बन चुका है और यही है जमीनी, निर्णायक और जवाबदेह शासन की असली पहचान।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *