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मंत्री जोशी ने कहा कि इस भव्य धाम में उत्तराखंड के 1734 शहीदों के आंगन की मिट्टी और गंगा, यमुना सहित कई पवित्र नदियों का जल सम्मिलित किया गया है, जिससे यह स्थल आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनता है

मंत्री जोशी ने कहा कि इस भव्य धाम में उत्तराखंड के 1734 शहीदों के आंगन की मिट्टी और गंगा, यमुना सहित कई पवित्र नदियों का जल सम्मिलित किया गया है, जिससे यह स्थल आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनता है

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून स्थित गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्यधाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोकार्पण से पूर्व सभी अंतिम चरण के कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।

मंत्री जोशी ने कहा कि सैन्यधाम राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो उत्तराखंड की वीरभूमि की भावना और शहीदों के सम्मान को समर्पित है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही तिथि तय कर यह धाम प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस भव्य धाम में उत्तराखंड के 1734 शहीदों के आंगन की मिट्टी और गंगा, यमुना सहित कई पवित्र नदियों का जल सम्मिलित किया गया है, जिससे यह स्थल आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार श्रद्धालु चारधाम के दर्शन के लिए आते हैं, उसी प्रकार लोग सैन्यधाम में भी आकर शहीदों को नमन करेंगे।

इस दौरान सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ने विभागीय मंत्री गणेश जोशी को अवगत कराया कि राष्ट्रीय स्तर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आगामी नेशनल कॉन्क्लेव 2025 में उत्तराखण्ड सैनिक कल्याण विभाग को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उत्तराखण्ड द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण, पुनर्वास तथा सैनिक-केंद्रित कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रस्तुत किए गए अनुकरणीय उदाहरण के लिए प्रदान किया जाएगा।

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सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उत्तराखण्ड सरकार का नहीं, बल्कि हमारे वीर सैनिकों और उनके परिजनों की अदम्य भावना का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सदैव पूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी इस दिशा में नये आयाम स्थापित करती रहेगी।

इस अवसर पर निदेशक सैनिक कल्याण (से.नि.) ब्रिगेडियर अमृतलाल लाल, उपनिदेशक कर्नल (से.नि.) योगेन्द्र कुमार, उपनिदेशक विंग कमांडर (से.नि.) निधि बधानी, परियोजना निदेशक रवींद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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