Sunday, October 25News That Matters



मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को अमृतकाल का सारथी बताते हुए अनुशासन, समय प्रबंधन और कठिन परिश्रम के महत्व पर बल दिया।    

 

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को अमृतकाल का सारथी बताते हुए अनुशासन, समय प्रबंधन और कठिन परिश्रम के महत्व पर बल दिया।

 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पर्यटक आवास गृह, टनकपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चम्पावत जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से बाल संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत सीधा संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में खेल गतिविधियों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करना तथा खिलाड़ियों से उनकी आवश्यकताओं और सुझावों पर चर्चा करना रहा।

मुख्यमंत्री ने रा.इ.का. चम्पावत के गौरव, रा.इ.का. पाटी की प्रीति, रा.बा.इ.का. टनकपुर की कंचन, रा.इ.का. चौमेल के सागर एवं रा.बा.इ.का. चम्पावत की मोनिका से बातचीत कर खेल सुविधाओं, संसाधनों और प्रशिक्षण संबंधी जानकारी ली। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से नियमित लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे उनके खेल कौशल को संवारने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पढ़ाई के साथ खेलों को भी बराबर महत्व दें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं, बल्कि खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने युवाओं को अमृतकाल का सारथी बताते हुए अनुशासन, समय प्रबंधन और कठिन परिश्रम के महत्व पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को सशक्त मंच देने और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य की खेल नीति और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे प्रयासों को युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस अवसर पर चम्पावत, पाटी, चौमेल, टनकपुर और चमदेवल क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षण स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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