श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के कार्डियोलोजी विभाग में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे मरीज

श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के कार्डियोलोजी विभाग में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे मरीज


पेशेंट बिशना सिंह जी ने उपचार के बाद अस्पताल से सम्बन्धित अपने संस्मरण सांझा करते हुए कहा उन्हें डॉ सलिल गर्ग और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की सेवाओं पर विश्वास था इसलिए वह ग्वालियर से सीधा देहादून उपचार के लिए आए

महंत इन्दिरेश अस्पताल में एक छत के नीचे कॉर्डियोलॉजी उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है.

 

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में उत्तराखण्ड समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल, बिहार , मध्य प्रदेश, पंजाब व राजस्थान आदि क्षेत्रों से मरीज़ चिकित्सकीय परामर्श वा बेहतर इलाज हेतु अस्पताल पहुंच रहे हैं।
पेशेंट बिशना सिंह उम्र 87 वर्ष निवासी ग्वालियर, मध्यप्रदेश को लंबे समय से हृदय सम्बन्धित परेशानी थी तथा वह मध्य प्रदेश व दिल्ली के कई बड़े नामचीन अस्पतालों के डॉक्टरों को दिखाया परंतु कही से भी संतोषजनक उपचार प्राप्त नहीं हो पाया।
पेशेंट बिशना सिंह को जब श्री महंत इन्दरेश अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट व कॉर्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सलिल गर्ग के बारे में जानकारी प्राप्त हुई वह बिना विलंब किए डॉ. सलिल गर्ग से चिकित्सकीय परामर्श हेतु ग्वालियर मध्यप्रदेश से श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, देहरादून पहुंचे। डॉ सलिल गर्ग द्वारा उनकी हृदय संबंधित जांच करने के बाद पाया गया की मरीज को असामान्य हृदय ताल संबंधित परेशानी है तथा उनको पेसमेकर लगाने की सलाह दी गई। मरीज की सहमति के बाद उनको पेसमेकर लगाया गया जिसे लगाने के बाद मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ है और पहले से बेहतर महसूस कर रहे है।
इस केस की खास बात यह रही है कि मरीज़ को हार्ट सम्वन्धित अति गम्भीर परेशानी होने के बावजूद वह पेसमेकर लगाने के लिए ग्वालियर से देहरादून श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल आए। पेशेंट बिशना सिंह जी उपचार के बाद अस्पताल से सम्बन्धित अपने संस्मरण सांझा करते हुए जानकारी दी कि उन्हें डॉ सलिल गर्ग और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की सेवाओं पर विश्वास था इसलिए वह ग्वालियर से सीधा देहादून उपचार के लिए आए
उन्होंने कहा कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में एक छत के नीचे कॉर्डियोलॉजी उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।
डॉ. सलिल गर्ग द्वारा पिछले तीन साल में 500 से अधिक पेसमेकर द्वारा असामान्य हृदय ताल संबंधित मरीजों का इलाज किया गया है जिनमे से 5 माइक्रा पेसमेकर (दुनियां का सबसे छोटा पेसमेकर) है तथा दूसरे प्रदेशों के बड़े नामचीन अस्पताल में भी डॉ सलिल गर्ग को प्रॉक्टर के रुप में जटिल ह्रदय रोगों के उपचार हेतु आमंत्रित किया जाता है। मरीजों की बेहतर सेवा के लिए कार्डियोलॉजी विभाग में कुशल डॉक्टरों की टीम व सभी आधुनिक मशीनें, दो अत्याआधुनिक कैथ लैब व संसाधन उपलब्ध हैं। यही कारण है कि देश के विभिन्न राज्यों से हार्ट पेशेंट्स श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। कार्डियोलॉजी विभाग में 5 कॉर्डियोजिस्ट की बड़ी टीम के साथ डीएम सीट्स उपलब्ध हैं। कॉर्डियोलॉजी के जटिलतम मेडिकल केसेज का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किया जाता है।

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