निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस में आंतरिक कलेश बन रही है सुर्खियां! बोले कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह जो लोग राजनीति का क ख ग भी नही जानते है। वह आज प्रदेश प्रभारी…ऐसे ही हालात रहे तो जल्द ही उत्तराखंड मे भी पार्टी के हाल दिल्ली जैसे होने मे समय नहीं लगेगा।

निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस में आंतरिक कलेश बन रही है सुर्खियां!   बोले कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह  जो लोग राजनीति का क ख ग भी नही जानते है। वह आज प्रदेश प्रभारी…ऐसे ही हालात रहे तो जल्द ही उत्तराखंड मे भी पार्टी के हाल दिल्ली जैसे होने मे समय नहीं लगेगा।

प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए अब बहुत ही कम समय रह गया है। भाजपा समेत तमाम दलों ने निकाय चुनावों के लिए कमर कसना शुरू कर दिया है तो वही इन चुनावों से पहले ही कांग्रेस मे आंतरिक कलेश इन दिनो खुल कर सामने आ रहा है।

हाल ही मे किच्छा से विधायक तिलक राज बेहड़ ने अपनी ही पार्टी पर गढ़वाल और कुमाऊं मे भेदभाव के साथ ही पहाड़ और तराई क्षेत्र की अनदेखी के आरोप लगाए है। एक ओर कांग्रेस अपने विधायक की इस प्रकार की बयान बाजी से सवालो के घेरे मे है।

 

तो अब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रीतम सिंह का कहना है कि देवेन्द्र यादव अपने कृत्यो से पार्टी का हाल दिल्ली जैसा करना चाहते है।

प्रीतम ने प्रदेश प्रभारी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि जो लोग राजनीति का क ख ग भी नही जानते है। वह आज प्रदेश प्रभारी बनकर हमारे सिर पर बैठे है।

आपको बता दे हाल ही मे प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला अध्यक्षों के नाम की सूची जारी कि है जिसके बाद से ही लगातार कांग्रेस मे हलचल मची हुई है। वही प्रीतम सिंह ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के सवाल पर ठीकरा प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव के सिर पर फोड़ दिया है।

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मीडिया से बातचीत करते हुए प्रीतम ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति इसलिए करता है कि वह समन्वय बनाने का काम करेगे। लेकिन यहां तो प्रदेश प्रभारी कुछ और ही काम कर रहे है।

 

देवेन्द्र राष्ट्रीय नेतृत्व को भी दिग्भ्रमित करने का काम कर रहे है। प्रीतम ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही प्रदेश प्रभारी गायब है और अब वह दिल्ली मे बैठकर तुगलकी फरमान जारी कर रहे है।कहा कि उनके अनेक फैसले से राज्य मे कार्यकर्ताओं मे आक्रोश है और उत्तराखंड मे एक ऐसा प्रभारी भेजा जाना चाहिए जो राजनीतिक रूप से परिपक्व हो।

प्रीतम सिंह का कहना है कि यदि ऐसे ही हालात रहे तो जल्द ही उत्तराखंड मे भी पार्टी के हाल दिल्ली जैसे होने मे समय नहीं लगेगा।

 



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