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Tag: श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में बढ़ाई गई ऑक्सीजन स्टोरेज की क्षमता

कामकाज के बीच इलाज की चिंता खत्म, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की इवनिंग ओपीडी बनी राहत की वजह

कामकाज के बीच इलाज की चिंता खत्म, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की इवनिंग ओपीडी बनी राहत की वजह

Dehradun, उत्तराखंड
कामकाज के बीच इलाज की चिंता खत्म, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की इवनिंग ओपीडी बनी राहत की वजह   देहरादून। भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे बड़ी चुनौती है—समय। नौकरी हो या कारोबार, दफ्तर हो या रोजमर्रा की जिम्मेदारियां, दिनभर की व्यस्तता के बीच अस्पताल जाकर डॉक्टर से परामर्श लेना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब समय की यह परेशानी मरीजों के इलाज में बाधा नहीं बन रही है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की इवनिंग ओपीडी ऐसे लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। दिन का काम खत्म होने के बाद भी जब शहर की रफ्तार जारी रहती है, उसी समय श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में मरीजों के लिए ओपीडी सेवाएं जारी रहती हैं। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, कामकाजी महिलाओं और दिनभर व्यस्त रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो रही है। अब मरीजों को डॉक्टर से मिलने के ल...
दूनवासियों के लिए बड़ी राहत, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध

दूनवासियों के लिए बड़ी राहत, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध

Dehradun, उत्तराखंड
दूनवासियों के लिए बड़ी राहत, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध   देहरादून। देहरादून में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने स्वाइन फ्लू संक्रमण से निपटने के लिए कमर कस ली है। अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के संदिग्ध एवं संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 50 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया है। गंभीर मरीजों के लिए 5 आईसीयू बेड भी सुरक्षित रखे गए हैं। वहीं, वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश रावत को स्वाइन फ्लू मामलों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह जानकारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक ने दी। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मामलों की निगरानी, जांच और उपचार को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। देहरादून में हाल के दिनों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पॉजिटिव मामले सामने आने के ...
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की चिकित्सा प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर डंका, डॉ. जयकृत चौधरी ने प्रतिष्ठित कार्डियोलॉजी नेशनल क्विज में हासिल की शानदार दूसरी रैंक

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की चिकित्सा प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर डंका, डॉ. जयकृत चौधरी ने प्रतिष्ठित कार्डियोलॉजी नेशनल क्विज में हासिल की शानदार दूसरी रैंक

Dehradun, उत्तराखंड, रिपब्लिक स्पेशल
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की चिकित्सा प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर डंका, डॉ. जयकृत चौधरी ने प्रतिष्ठित कार्डियोलॉजी नेशनल क्विज में हासिल की शानदार दूसरी रैंक देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डीएम कार्डियोलॉजी फाइनल ईयर रेजीडेंट डॉ. जयकृत चौधरी ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा, चिकित्सकीय ज्ञान और क्लिनिकल समझ का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित जेड.वाई.एम.ई.ए. कार्डियोलाॅजी नेशनल क्विज फिनाले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। काबिलेगौर है कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के काॅर्डियोलाॅजी विभाग में 6 डीएम काॅर्डियोलाॅजी सीटंे उपलब्ध हैं। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के माननीय चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने डॉ. जयकृत चौधरी की इस उपलब्धि पर उन्हें और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कार्डियोलाॅजी विभाग की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। देश क...
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की विशेषज्ञ टीम दे रही भोजन नली के कैंसर मरीजों को समग्र उपचार।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की विशेषज्ञ टीम दे रही भोजन नली के कैंसर मरीजों को समग्र उपचार।

Dehradun
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की विशेषज्ञ टीम दे रही भोजन नली के कैंसर मरीजों को समग्र उपचार     उत्तराखण्ड के विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों से भोजन नली अर्थात् इसोफेगस के कैंसर से पीड़ित मरीज उपचार के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर विभाग में पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में दिखाई दे रहे रुझानों को वैज्ञानिक रूप से समझने के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर विभाग ने इस विषय पर व्यापक शोध शुरू करने का निर्णय लिया है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य यह जानना होगा कि पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में भोजन नली के कैंसर के पीछे तम्बाकू, धूम्रपान, शराब का सेवन, अत्यधिक गर्म चाय, भोजन या अन्य पेय पदार्थों का नियमित सेवन, फल एवं सब्जियों की कमी, पोषण संबंधी असंतुलन, मोटापा, एसिड रिफ्लक्स, घरों के भीतर धुएं का संपर्क, पेयजल की गुणवत्ता, पर्यावरणीय परिस्थितियां तथा अन्य स्था...
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विशेषज्ञ बोले- तनाव, खराब खानपान और बदलती जीवनशैली बना रही युवाओं को हाइपरटेंशन का शिकार

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विशेषज्ञ बोले- तनाव, खराब खानपान और बदलती जीवनशैली बना रही युवाओं को हाइपरटेंशन का शिकार

उत्तराखंड
    श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विशेषज्ञ बोले- तनाव, खराब खानपान और बदलती जीवनशैली बना रही युवाओं को हाइपरटेंशन का शिकार       16 मई 2026 विश्व हाइपरटेंशन दिवस के अवसर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में किड़नी रोग (नेफ्रोलॉजी) विभाग द्वारा एक दिवसीय निरन्तर चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (कन्टीन्यूईंग मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने हाइपरटेंशन से जुड़ी गंभीर चुनौतियों, नई उपचार तकनीकों और जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी विभाग, निजाम इंस्टीट्यूट, हैदराबाद डॉं0 जी0 स्वर्णलथा, प्राचार्य, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज, डॉ. उत्कर्ष शर्मा, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक...
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा, शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा, शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

उत्तराखंड, रिपब्लिक स्पेशल
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा, शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों ने रखे विचार     देहरादून। आईआरआईए उत्तराखण्ड स्टेट चैप्टर की ओर से श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में एक दिवसीय सीएमई (कन्टीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम तकनीकों और शोध आधारित जानकारियों पर केन्द्रित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने “फीटल ईको” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए गर्भ में पल रहे शिशु के हृदय की जांच और उसके महत्व को रेखांकित किया। सीएमई के दौरान फीटल ईको का लाइव डैमो दिखाकर विशेषज्ञों ने इसके मेडिकल पक्ष को भी विस्तारपूर्वक समझाया। आईआरआईए उत्तराखण्ड स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र गर्ग एवम सचिव डाॅ प्राची काला ने भी महत्वपूर्णं जानकारियों सांझा की। सीएमई में उत्तराखण्ड के विभिन्न मेडिकल कॉलेज...
उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता का संगम, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जटिल हृदय रोग पर बड़ी जीत

उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता का संगम, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जटिल हृदय रोग पर बड़ी जीत

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उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता का संगम, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जटिल हृदय रोग पर बड़ी जीत   देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग ने एक बेहद जटिल और हाई-रिस्क हृदय रोगी का आधुनिक टवी (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन) तकनीक के माध्यम से सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। 59 वर्षीय पुरुष मरीज गंभीर कैल्सिफिक एओर्टिक स्टेनोसिस और बहु-वाल्व जटिलताओं से पीड़ित था। पूर्व में उस पर ओपन-हार्ट सर्जरी का प्रयास किया गया था, लेकिन “पोर्सलीन एओर्टा” जैसी गंभीर स्थिति के कारण सर्जरी को बीच में ही रोकना पड़ा। इस स्थिति में एओर्टा की दीवार में अत्यधिक कैल्सीफिकेशन होने से सर्जरी के दौरान एओर्टा को क्लैम्प करना या उसमें हस्तक्षेप करना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता है, जिससे स्ट्रोक और अन्य जटिलताओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। मरीज की ग...
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में फायर, सेफ्टी पर जागरूकता कार्यशाला

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में फायर, सेफ्टी पर जागरूकता कार्यशाला

उत्तराखंड
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में फायर, सेफ्टी पर जागरूकता कार्यशाला           देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में आयोजित फायर सेफ्टी कार्यशाला और डेमो के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आग की घटनाओं में घबराहट नहीं, बल्कि सजगता और सही तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव है। फायर ब्रिगेड देहरादून की टीम ने अस्पताल स्टाफ को आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, मरीजों की सुरक्षित निकासी, भीड़ प्रबंधन और रेस प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आग कभी बताकर नहीं आती, इसलिए अस्पतालों के साथ-साथ आवासीय भवनों और अपार्टमेंट्स में भी फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी एग्जिट जैसे सुरक्षा इंतजाम हमेशा दुरुस्त रहने चाहिए। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सभगार में शनिवार को फायर ब्रिगेड देहरादून के प्रभारी...
देहरादून में चिकित्सा की बड़ी उपलब्धि, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में पहली बार कूल्ड RFA प्रक्रिया सफल

देहरादून में चिकित्सा की बड़ी उपलब्धि, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में पहली बार कूल्ड RFA प्रक्रिया सफल

उत्तराखंड
देहरादून में चिकित्सा की बड़ी उपलब्धि, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में पहली बार कूल्ड RFA प्रक्रिया सफल     देहरादून। दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में देहरादून ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। शहर में पहली बार कूल्ड रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (Cooled Radiofrequency Ablation - Cooled RFA) तकनीक के माध्यम से घुटने के गंभीर दर्द से पीड़ित मरीज का सफल इलाज किया गया। इस आधुनिक प्रक्रिया के बाद मरीज को दर्द से काफी राहत मिली है और अब वह पहले की तुलना में बेहतर तरीके से चल-फिर पा रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार 64 वर्षीय श्रीमती सावित्री देवी लंबे समय से घुटनों के अत्यधिक दर्द से परेशान थीं। उन्हें ऑस्टियोआर्थराइटिस घुटना, ग्रेड-4 की गंभीर समस्या थी। दर्द इतना अधिक था कि उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी और सामान्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। चिकित्सकों क...
उत्तराखंड को मिली उन्नत कैंसर सर्जरी की सौगात, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में डॉ. अजीत तिवारी के नेतृत्व में हुआ दुर्लभ स्तन पुनर्निर्माण

उत्तराखंड को मिली उन्नत कैंसर सर्जरी की सौगात, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में डॉ. अजीत तिवारी के नेतृत्व में हुआ दुर्लभ स्तन पुनर्निर्माण

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  उत्तराखंड को मिली उन्नत कैंसर सर्जरी की सौगात, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में डॉ. अजीत तिवारी के नेतृत्व में हुआ दुर्लभ स्तन पुनर्निर्माण   देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने स्तन कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। उत्तराखंड में पहली बार मल्टी-सेंट्रिक्स ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला का पूरा स्तन हटाने के बाद उसी के शरीर की मांसपेशियों और त्वचा से नया स्तन बनाकर सफल पुनर्निर्माण किया गया। यह जटिल सर्जरी अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अजीत तिवारी के नेतृत्व में की गई। मेडिकल साइंस में इस बीमारी को मल्टी-सेंट्रिक्स ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है, जिसमें स्तन के अलग-अलग हिस्सों में एक से अधिक कैंसर ग्रंथियां विकसित हो जाती हैं। ऐसे मामलों में आंशिक सर्जरी संभव नहीं होती और टोटल मैस्टेक्टमी (पूरा स्तन हटाना) आवश्यक होती है। इस केस में टोटल मै...