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मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद कृषक अपने अनुभवों का लाभ अन्य किसानों को भी देंगे, जिससे जनपद एवं प्रदेश में बागवानी को नई दिशा मिलेगी

 

मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद कृषक अपने अनुभवों का लाभ अन्य किसानों को भी देंगे, जिससे जनपद एवं प्रदेश में बागवानी को नई दिशा मिलेगी

 

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय से जिला योजना के अंतर्गत जनपद देहरादून के 28 कृषकों के दल और दो उद्यान कार्मिकों को 05 दिवसीय सेब एवं कीवी उत्पादन प्रशिक्षण हेतु डॉ. वाईएस परमार कृषि एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी–सोलन (हिमाचल प्रदेश) के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में सेब और कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कृषकों को आधुनिक तकनीक, उन्नत किस्मों, पौध संरक्षण एवं विपणन की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
गौरतलब है कि इसी क्रम में जनपद देहरादून में पूर्व में 56 कृषकों को संरक्षित खेती (पाली हाउस) के प्रशिक्षण हेतु पंतनगर विश्वविद्यालय भेजा जा चुका है। मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद कृषक अपने अनुभवों का लाभ अन्य किसानों को भी देंगे, जिससे जनपद एवं प्रदेश में बागवानी को नई दिशा मिलेगी।

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