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एक तस्वीर… और सियासी अटकलों पर पूर्ण विराम।”

“एक तस्वीर… और सियासी अटकलों पर पूर्ण विराम।”

 

 

 

 

धामी–पांडे की जुगलबंदी ने अफवाहों पर लगाया विराम। काफी समय से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन आज जो तस्वीर सामने आई, उसने तमाम कयासों पर विराम लगा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अरविंद पांडे के घर पहुंचे और जिस आत्मीयता व अपनत्व के साथ दोनों नेता साथ नजर आए, उसने साफ संदेश दे दिया कि भाजपा के भीतर सब कुछ सामान्य है। दोनों की केमिस्ट्री देखकर ऐसा लग रहा था मानो राजनीति के दो मजबूत साथी एक साथ कदमताल कर रहे हों। फिल्म शोले का मशहूर गीत “ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” मानो इस मुलाकात पर पूरी तरह फिट बैठ रहा था।

सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की रही, जिसमें मुख्यमंत्री धामी वोट की पतवार संभाले नजर आए और अरविंद पांडे उनके साथ मुस्कुराते हुए बैठे थे। यह तस्वीर केवल एक फोटो नहीं, बल्कि अपने आप में एक राजनीतिक संदेश थी। मानो दोनों नेता कह रहे हों कि सफर भी साथ है, दिशा भी साथ है और मंजिल भी साथ है। तस्वीर ने उन तमाम अटकलों की हवा निकाल दी, जिनमें दोनों नेताओं के बीच दूरी की बातें कही जा रही थीं।

राजनीतिक दृष्टि से मुख्यमंत्री धामी का यह कदम बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। इससे न केवल संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का संदेश गया, बल्कि उन लोगों को भी करारा जवाब मिला जो दोनों नेताओं के बीच मतभेदों की कहानियां गढ़ रहे थे। आज की तस्वीरों ने यह साबित कर दिया कि भाजपा में नेतृत्व और संगठन दोनों एकजुट हैं। जो लोग रिश्तों में दरार तलाश रहे थे, उनके लिए धामी और पांडे की यह जुगलबंदी किसी स्पष्ट राजनीतिक संदेश से कम नहीं है।

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