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जिलाधिकारी के कार्यक्रम स्थल पर आगमन पर ढोल दमाऊ से उनका स्वागत किया गया    

 

जिलाधिकारी के कार्यक्रम स्थल पर आगमन पर ढोल दमाऊ से उनका स्वागत किया गया

 


असाधारण निर्णयों एवं उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल को लोकरत्न हिमालय सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें पारम्परिक पर्वतीय वाद्य यंत्र रणसिंघा व ढोल दमाऊ का प्रतीक चिन्ह, अभिनन्दन पत्र तथा शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पर्वतीय बिगुल सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा अपने 29 वें स्थापना दिवस पर प्रदान किया गया । पदमश्री प्रीतम भरतवाण, गायिका मीना राणा, राज्य आन्दोलनकारियों समेत अनेक प्रतिष्ठित लोगों के हाथों से जिलाधिकारी को सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर लोक कलाकारों ने लोक गीतों से समां बांध दिया। सम्मान ग्रहण करने पर जिलाधिकारी श्री बंसल ने सम्मान के लिए संस्था और उत्तराखण्ड की जनता का धन्यवाद किया। कहा कि सम्मान कार्य के प्रति अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील बनाता है। जिलाधिकारी के कार्यक्रम स्थल पर आगमन पर ढोल दमाऊ से उनका स्वागत किया गया ।

उल्लेखनीय है कि 1997 से प्रारम्भ किए सम्मान के तहत संस्था अब तक लोकसेवा, संस्कृति, शिक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अनेक विभूतियों को सम्मान प्रदान करती आ रही है। संस्था अब तक अंग्रेजी के प्रसिद्ध उपन्यासकार रस्किन बॉड, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, जागर सम्म्राट प्रीतम भरतवान, प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी के पिता शिक्षविद्ध एवं साहित्यकार हरिदत्त भट्ट शैलेश समेत पर्यावरण, लोकसेवा एवं सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान दे चुकी है।

दून पुस्तकालय के प्रेक्षागृह में आयाजित समारोह में उक्त जानकारी संस्था के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक प्रदीप भण्डारी ने यहाँ अपने सम्बोधन में दी। उन्होनें बताया कि देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यभार संभालते ही दिन रात सक्रिय रहकर स्वास्थ्य केन्द्रों की कार्यशैली में सुधार करना हो. भिक्षावृत्ती मुक्ति अभियान चलाकर 132 बच्चों को भिक्षावृत्ती से हटाकर उन्हें स्कूल भेजकर नया जीवन प्रदान करना हो, फरियादी बुजर्गों और दिव्यांगों के लिए निःशुल्क सारथी वाहन सेवा शुरू करना हो. दशकों से पीड़ित अनेक भूमि मालिकों को उनका हक दिलाना, कई साल उत्पीडित एक विधवा के घर को बैंक के बंधन से 3 दिन में मुक्ति दिलाना हो, आईएसबीटी में असंभावी जलभराव का समाधान करना हो, सम्मान देकर राज्य निर्माण आन्दोलनकारियों के हक के लिए कार्य करना हो, वृद्ध महिला एवं सामान्य नागरिक को अभिवादन के साथ पहले सुनना आदि उनके ऐसे दर्जनों असाधारण निर्णय एव उत्त्कृष्ट कार्य आज जनता के सम्मुख हैं। राज्य की जनता, आन्दोलनकारियों और शहीदों ने भी ऐसे अधिकारियों की कल्पना की थी।

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*लोकरत्न हिमालय सम्मान से सम्मानित किए जाने पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने पर्वतीय बिगुल सामाजिक सांस्कृतिक संस्था का आभार व्यक्त किया। डीएम ने कहा कि मै इतने बडे सम्मान का ऋण कैसे चुकाऊंगा, यह मै नही जानता। परंतु यह सम्मान मेरे लिए एक उपलब्धि नहीं, बल्कि आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन से मुझे जन सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने इस सम्मान को उन सब प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं को समर्पित किया, जो निरंतर सम्मरपर्ण भाव से जन सेवा के प्रतिबद्वता के साथ काम करते है।*

*जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की सेवा हमारी जिम्मेदारी है। इस सम्मान से हमें पब्लिक सर्विसेज में और भी अधिक संवेदना और प्रतिबद्वता लाते हुए अपने नैतिक दायित्वों का निर्वहन करने की आवश्यकता है। कहा कि पब्लिक सर्विस केवल प्रशासनिक सेवा में रहकर ही नही, बल्कि जो जिस फील्ड में है, उस फील्ड में अपने नैतिक दायित्वों निर्वहन करते हुए भी की जा सकती है।*

*जिलाधिकारी ने नए दौर में तेजी से फैल रहे सामाजिक विकारों पर चितंा जाहिर की। उन्होंने बच्चों को अपनी लोक संस्कृति, परंपरा के साथ घर परिवार और कम्यूनिटी कल्चर से जोड़ने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि किसी भी बच्चे का सबसे बडा प्रशिक्षण संस्थान उसका परिवार, परिवार के सदस्य और समुदाय के बुजुर्ग होते है। उनके साथ हमारा उठना बैठना और समय बिताना कम होता जा रहा है। इसके चलते जितने भी सामाजिक विकार है वो आज तेजी से अपनी जगह बनाते जा रहे है। उन्होंने बच्चों को अपनी लोकल संस्कृतिक से जोड़ने की बात कही। कहा कि लोकल संस्कृति ही किसी बच्चे के व्यक्तित्व और जीवन को प्रभावित करती है और उसे सशक्त बनाने में मदद करती है।*

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इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पदमश्री प्रीतम भरतवाण, प्रसिद्ध गायिका मीना राणा, राज्य आन्दोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन नेगी व प्रदीप कुकरेती, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेन्द्र कण्डारी व शूरवीर भण्डारी आदि ने जिलाधिकारी के कार्यों की सराहना की तथा उन्हें सम्मानित होने पर बधाई दी। इससे पूर्व नवोदित लोक गायिका मीना आर्य तथा हेमंत बुटोला की टीम ने अनेक पारम्परिक लोकगीत प्रस्तुति देकर प्रेक्षागृह में शानदार सांस्कृतिक छटा बिखेरी। प्रेक्षागृह जिले के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं संस्था प्रमुखों से खचाखच भरा रहा । कार्यक्रम का संचालन मोहसिन अहमद तन्हा व रवि सिंह द्वारा किया गया ।

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