मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कनखल स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संविधान में समानता के अधिकार की व्यवस्था है। इसलिए यह देश में कहीं भी लागू हो सकता है(UCC)

पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान कहा कि समान नागरिक संहिता प्रदेश में लागू करने के लिए उत्तराखंड के लोगों ने इस पर हमें अपना समर्थन दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कनखल स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया

मुख्यमंत्री धामी जी ने जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर लिया आशीर्वाद

जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में, शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया हवन यज्ञ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कनखल स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में, शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हवन यज्ञ में भी शामिल हुए। जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम कनखल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अवसर पर शनिवार को स्वामी प्रकाशानंद के षोडश निर्वाण महोत्सव के अवसर पर विधि-विधान से हवन यज्ञ व भंडारे का आयोजनu किया गया, इसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, सांसद डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, व विधायकगण शामिल हुए। सभी ने हवन यज्ञ में आहूतियां डाली और प्रदेश में कॉमन सिविल कोड लागू होने की खुशी में भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूडी, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी समेत कैबिनेट मंत्रियों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान कहा कि समान नागरिक संहिता प्रदेश में लागू करने के लिए उत्तराखंड के लोगों ने इस पर हमें अपना समर्थन दिया है। इस मसले पर सब से वार्ता करने के बाद हम इसे राज्य में लागू करने का निर्णय ले सके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी अपेक्षा है कि देश के अन्य राज्य भी इसे लागू करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान में समानता के अधिकार की व्यवस्था है। इसलिए यह देश में कहीं भी लागू हो सकता है।

यह भी पढ़ें -  अभ्यर्थियों द्वारा बताया गया कि मंत्री गणेश जोशी का ग्राम्य विकास विभाग के प्रति सकारात्मक सोच एवं अथक प्रयासों से ग्राम विकास अधिकारी सेवा नियमावली 2011 में उल्लेखित छह माह सेवा पूर्व प्रशिक्षण से स्थान पर दो माह का सवैतनिक सेवाकालीन प्रशिक्षण का प्रस्ताव मंत्रीपरिषद द्वारा पारित किया गया।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने भी इसके लिए मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष समेत कैबिनेट के सदस्यों और विधायकों को शुभकामनाएं दीं।

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