Saturday, October 24News That Matters



अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मिले महाराज

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मिले महाराज

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनके नई दिल्ली स्थित कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की।।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री . ज्योतिरादित्य सिंधिया से राजीव गांधी भवन नई दिल्ली स्थित उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री . सतपाल महाराज ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाए जाने को लेकर भी व्यापक चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के सामने उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्रियों के लिए डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर की अनिवार्यता का विषय भी प्रमुखता से रखा।

बातचीत के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से कहा कि वह उनकी बात से सहमत हैं। राज्य सरकार जल्दी से जल्दी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए हरिद्वार में नागरिक उड्डयन विभाग को भूमि उपलब्ध करवाए ताकि इस दिशा में हम आगे बढ़ सके।

महाराज ने बातचीत के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया कि हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। भूमि चयन के लिए एक कमेटी का गठन कर एयरपोर्ट के लिए जमीन तलाशने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। . महाराज ने नागरिक उड्डयन मंत्री को बताया कि कमेटी ने भूमि के लिए हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे किया है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने उन्हें बताया कि उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। देश ही नहीं दुनिया के लोग भी इस पावन भूमि को देखना चाहते हैं। कई देशों से लोग सिर्फ उत्तराखंड की शांत वादियां घूमने आते हैं। विश्व के पर्यटकों को सीधे उत्तराखंड लाने के लिए एक बड़े हवाई अड्डे को तैयार किया जाना नितांत आवश्यक है ताकि इस हवाई अड्डे पर एयर बस 380, बोइंग 777 जैसे बड़े व्हाइट बॉडी प्लेन उतर सकें। इससे न केवल योग सीखने विदेशी हमारी धरती पर सीधे पहुंच सकेंगे बल्कि चार धाम यात्रा के लिए भी लोग आसानी से आ सकेंगे। उन्होने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया कि हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने से विश्व के कई देशों से यहाँ पर्यटकों का आगमन आसान हो सकेगा और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

यह भी पढ़ें -  धामी सरकार मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध: धामी सरकार ने उत्तराखण्ड के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में भी वृद्धि की है धामी सरकार ने उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं एवं वेटरन की पेंशन बढ़ाकर 10 हजार रूपये की धामी जी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की प्रतिमाह पेंशन बढ़ाकर 25 हजार की धामी ने विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया मुख्यमंत्री ने कि घोषणा : सैनिक आश्रितों को भर्ती पूर्व दिये जाने वाले प्रशिक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था के लिए प्रतिदिन दी जाने वाली धनराशि बढ़ाकर 225 रूपये विजय दिवस: आज का दिन भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का उत्सव मनाने का दिन : धामी विजय दिवस: 1971 का युद्ध अमानवीयता पर मानवता, दुराचार पर सदाचार और अन्याय पर न्याय की जीत का युद्ध था:धामी उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ-साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है:धामी 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था: धामी प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन के अनुरूप देहरादून में पांचवे धाम सैन्य धाम का निर्माण कार्य प्रगति पर : धामी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल तेजी से बढ़ा है: धामी सैन्य परिवारों के लिए विशेष योजनाएं बने, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो: धामी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विजय दिवस पर मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। विजय दिवस के अवसर पर आयोजित निबंध एवं कला प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि सैनिक आश्रितों को भर्ती पूर्व दिये जाने वाले प्रशिक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था के लिए प्रतिदिन दी जाने वाली धनराशि 80 रूपये से बढ़ाकर 225 रूपये प्रति प्रशिक्षणार्थी की जायेगी राज्य के गढ़वाल और कुमांऊ मण्डल में सैनिक आश्रित युवाओं को सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा 56 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का उत्सव मनाने का दिन है। 1971 का युद्ध अमानवीयता पर मानवता, दुराचार पर सदाचार और अन्याय पर न्याय की जीत का युद्ध था। आज ही के दिन वर्ष 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेके थे। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था। यह युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ-साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। इस युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिक विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित हुए थे। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के अनुरूप देहरादून में पांचवे धाम सैन्य धाम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह धाम उन सभी वीरों को हमारी ओर से एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किये बिना तिरंगे की शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल तेजी से बढ़ा है। आज हमारे सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। आज हमारे सैनिकों का मनोबल इतना ऊंचा है कि वो दुश्मन के घर में घुस कर उस पर कार्रवाई करने में समर्थ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में उनका प्रयास रहता है कि सैन्य परिवारों के लिए विशेष योजनाएं बने, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में भी वृद्धि की है। जिसके तहत परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिक को 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गेलेन्ट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई। उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं एवं वेटरन की पेंशन प्रतिमाह 8 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये की है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की प्रतिमाह पेंशन 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार की गई है। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह, निदेशक सैनिक ब्रिगेडियर कल्याण अमृत लाल (से.नि), मेजर जनरल सम्मी सबरवाल(से.नि), रियर एडमिरल ओ.पी.सिंह राणा(से.नि), ब्रिगेडियर के.जी बहल(से.नि) एवं पूर्व सैन्य अधिकारी और वीरांगनाएं उपस्थित थे।

महाराज ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से कहा कि भविष्य की योजनाओं को देखते हुए हरिद्वार का हवाई संपर्क विश्व के लगभग सभी देशों से हो, इसलिए हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बेहद जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *