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उत्तराखंड तेरे विकास के लिए ये दोस्ती सुखद है कोई नज़र ना लगाना यही डबल इंजन है ..

उत्तराखंड तेरे विकास के लिए
ये दोस्ती सुखद है कोई नज़र ना लगाना यही डबल इंजन है ..

उत्तराखंड के लोकप्रिय नेता अनिल बलूनी ने उत्तराखंड के जंगलों सियासत के गुर सीखे हैं बलूनी को शांत और विचारों में मग्न रहने वाले नेताओं के रूप में जाना जाता है
बलूनी हर शब्द को नाप-तौल कर बोलते है फिर चाहे सार्वजनिक तौर पर बोलना हो या निजी रूप से ये उनकी वो खूबी है जिसके चलते उनके राजनीतिक विरोधी कभी ये पता भी नहीं लगा पाते की उनके दिल में क्या छिपा है.
ओर इसी का नतीजा है कि कभी पत्रकार रहे अनिल बलूनी अब मोदी-शाह के करीबी लोगों में से एक है
अनिल बलूनी का जन्म 2 सिंतबर 1972 उत्तराखंड के नकोट गांव (जिला पौड़ी) पट्टी- कंडवालस्यूं में हुआ है.
बतौर सांसद बलूनी ने
उत्तरखंड के विकास के लिए हर पल सोचते ही नही बल्कि उस विजन को उस काम को धरातल पर उतारने का काम करते नज़र आते है दिखाई देते है


  1. 1.  नैनी दून एक्सप्रेस का संचालन
    2. राज्य को एनडीआरएफ  की पृथक बटालियन का आवंटन
    3. कोटद्वार और उत्तरकाशी चिकित्सालयों में आईसीयू की स्थापना
    4. पौड़ी के बौर गांव को गोद लिया
    5. सेना और अर्द्धसेना के अस्पतालों में आम जनता का उपचार
    6. आईटीबीपी के अस्पतालों में उपचार प्रारंभ कराया
    7 विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की पैरवी, समाधान अंतिम चरण में पहुंचाया
    8 मसूरी पेयजल योजना के लिए 187 करोड़ स्वीकृत कराए
    9. तीलू रौतेली व माधो सिंह भंडारी के स्मारकों को पुरातत्व विभाग से संरक्षित करवाना
    10. टनकपुर-बागेश्वर से गैरसैंण-कर्णप्रयाग रेललाइन के सर्वे के लिए धन स्वीकृत कराना
    11. रामनगर में आधुनिक बस पोर्ट की स्थापना
    12. राज्य के लिए पृथक दूरदर्शन चैनल प्रारंभ करवाना
    वही
    -सांसद निधि से ऋषिकेश एम्स और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में रैन बसेरे बनाने की घोषणा
    -नैनीताल पेयजल योजना के लिए केंद्र सरकार से धनराशि स्वीकृति का प्रयास
    -ऋषिकेश में बसपोर्ट बनाने के लिए पहल के साथ अन्य राज्य हित मे बलूनी ने कैंसर जेसी घातक बीमारी से उबरने के बाद भी पूर्ण ऊर्जा के साथ नए लक्ष्य निर्धारित किये
    आपदा प्रभावित राज्य को नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स की अलग से एक बटालियन दिलवाई.हजारों विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को केंद्र से नियमों में छूट दिलवाकर उनकी नौकरी बचाई.
    केंद्र से मसूरी पेयजल योजना के लिए 187 करोड़ स्वीकृत कराये.
यह भी पढ़ें -  बस चंदनवाड़ी से पहलगाम आईटीबीपी जवानों को ले जा रही थी। ब्रेक फेल होने की वजह से बस खाई में गिर गई। सभी जवान अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर थे। अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के बाद जवान लौट रहे थे।

टाटा ट्रस्ट से बातचीत कर उत्तराखंड में एक कैंसर रिसर्च इंस्टिट्यूट की स्वीकृति दिलाई. जल्द बने उस पर प्रयास तेज
रामनगर के पास धनगढ़ी नाले पर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय से 28 करोड़ की लागत के पल का निर्माण शुरू कराया. यहां पर हर बरसात में कई लोगों की जान जाती थी.
सूचना प्रसारण मंत्रालय से इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन को मंजूरी दिलवाई.
उत्तराखंड से छिन गए डॉप्लर रडार को फिर से प्रदेश में वापस मंगवाया, अब उन्हें लगाने का काम शुरू होगा.

नगढ़ी नाले के पुल का शिलान्यास भी उन्होंने एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से करवाया.
ओर अब 26 फरवरी को पूर्णागिरि एक्सप्रेस ओर 3 मार्च को सिद्ध बली एक्सप्रेस का भव्य उद्घाटन होना है
आगामी 26 फरवरी को टनकपुर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली पूर्णागिरि एक्सप्रेस और 3 मार्च को कोटद्वार से नई दिल्ली के बीच चलने वाली सिद्ध बली एक्सप्रेस का भव्य उद्घाटन होगा ओर रेल मंत्री पीयूष गोयल इसके वर्चुअल उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे और टनकपुर रेलवे स्टेशन पर लोकसभा सदस्य अल्मोड़ा अजय टम्टा एवं लोकसभा सदस्य नैनीताल अजय भट्ट उपस्थित रहेंगे वही बलूनी भी आजकल उत्तराखंड में है ऐसे में उम्मीद है कि वे भी इस कार्यक्रम भागीदारी करेगे
आज उत्तराखंड में बलूनी लोकप्रिय सांसद, जन नेता के रूप के शुमार हो चुके है
तो रेल मंत्री पीयूष गोयल ओर बलूनी की ये दोस्ती उत्तराखंड के विकास के लिए सुखद है
बलूनी बार बार दिल से
रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार धन्यवाद करते नही थकते है
क्योकि बलूनी कहते है कि मंत्री जी के पास जब जब उत्तराखंड के हित के लिए गया उन्होंने हमेशा हर माग का समर्थन करते हुए जन हित को समझते हुए वादा किया और उसे तेज़ी से निभाया भी

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