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उत्तराखण्ड का इंदिरेश अस्पताल सभी रोगियों को सस्ती दरों पर व्यापक सर्वोत्तम कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है: अस्पताल के अध्यक्ष श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज

इंदिरेश अस्पताल सभी रोगियों को सस्ती दरों पर व्यापक सर्वोत्तम कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है: अस्पताल के अध्यक्ष श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज

उत्तराखण्ड के इंदिरेश अस्पताल में फेफड़ों के कैंसर की विशेष ओपीडी
शुरू

श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में कैंसर सर्जरी विभाग ने फेफड़ों के कैंसर रोगियों के लिए एक विशेष ओपीडी शुरू की है। यह विशेष ओपीडी शनिवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक चलाई जाएगी। अस्पताल के अध्यक्ष श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉक्टरों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इंदिरेश अस्पताल सभी रोगियों को सस्ती दरों पर व्यापक सर्वोत्तम कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कैंसर सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. पंकज गर्ग ने कहा कि इस विशेष क्लिनिक को शुरू करने की तत्काल आवश्यकता है क्योंकि भारत में फेफड़ों का कैंसर सबसे आम कैंसर है। यह क्लिनिक एक बहुविषयक कैंसर क्लिनिक होगा और पल्मोनरी मेडिसिन विभाग और पैलिएटिव केयर इकाई के सहयोग से चलाया जाएगा। फेफड़ों के कैंसर के इलाज में माहिर डॉ. अजीत तिवारी क्लिनिक के प्रभारी होंगे। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. जगदीश रावत ने कहा कि यह संयुक्त मल्टीस्पेशलिटी लंग कैंसर क्लिनिक फेफड़ों के कैंसर के रोगियों को गुणवत्ता मानक उपचार प्रदान करने में मदद करेगा। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य उल्लेखनीय व्यक्तियों में डॉ पल्लवी कौल, डॉ निशीथ गोविल, डॉ नेहा कठौर, डॉ आबिद, श्री संतोष, सुश्री करिश्मा और सुश्री मोहिता शामिल थे।

डॉ. अजीत तिवारी ने कहा कि फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, खैनी- किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन बंद करना चाहिए। उन्होंने आगे दोहराया कि फेफड़ों के कैंसर का इलाज तभी संभव है जब इसका जल्द पता चल जाए और इसका सही इलाज किया जाए। कोई भी व्यक्ति जो निम्नलिखित समस्याओं को विकसित करता है, उसे तुरंत कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए – लगातार खांसी, थूक में खून आना, सीने में दर्द, अचानक वजन कम होना, आवाज में अचानक बदलाव, सांस फूलना

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