Friday, September 4News That Matters


सोशल मीडिया की अफवाहों पर नहीं, आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा; पुल सुरक्षित है

सोशल मीडिया की अफवाहों पर नहीं, आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा; पुल सुरक्षित है

 

 

 

देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण पुल की एप्रोच रोड (पुल तक पहुंचने वाली सड़क) का एक हिस्सा धंस गया है। संबंधित विभाग के अनुसार पुल पूरी तरह सुरक्षित है तथा उसकी संरचना को कोई क्षति नहीं पहुंची है। मौके पर निरीक्षण के बाद एप्रोच रोड की मरम्मत एवं यातायात बहाली का कार्य शुरू कर दिया गया है।

 

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में अतिवृष्टि, बादल फटना और अचानक आने वाली बाढ़ के कारण पुलों एवं सड़कों को समय-समय पर नुकसान पहुंचता रहा है। वर्ष 2008 में हल्द्वानी की गौला नदी पर बने आरसीसी बाईपास पुल का हिस्सा भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। वर्ष 2012 में उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी में बादल फटने के बाद कई मोटर एवं पैदल पुल बह गए थे, जबकि चौरास (पौड़ी गढ़वाल) में निर्माणाधीन पुल ढहने से छह श्रमिकों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में रामबाड़ा पुल सहित अनेक पुल बह गए थे तथा राज्यभर में लगभग 147 पुल और 1,300 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं।

 

ऐसी परिस्थितियों में किसी भी घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी देना आवश्यक है। प्रेमनगर की वर्तमान घटना में पुल सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड का हिस्सा धंसा है। इसलिए इसे “पुल टूट गया” बताना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और इससे वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम उत्पन्न हो सकता है।

यह भी पढ़ें -  आदर्श चम्पावत के निर्माण में जुटा प्रशासन, मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में डीएम मनीष कुमार की चौपाल बनी समाधान का मंच

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *