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धामी का स्पष्ट संदेश—पहले संवाद, फिर निर्णय; तब तक पेड़ों की कटाई स्थगित

 

धामी का स्पष्ट संदेश—पहले संवाद, फिर निर्णय; तब तक पेड़ों की कटाई स्थगित

 

 

 

मुख्यमंत्री धामी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि उनकी सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने में विश्वास रखती है। देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पर्यावरण प्रेमियों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत होने वाले पेड़ों की कटाई फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि विकास उत्तराखंड की आवश्यकता है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा। उन्होंने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ दोबारा विस्तृत संवाद करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी पक्षों की राय के बाद आगे का निर्णय लिया जा सके।

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी पहले भी कई अवसरों पर जनता की भावनाओं को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्णय ले चुके हैं। इस मामले में भी उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्यों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर और जनता के विश्वास की रक्षा करना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की महत्वपूर्ण योजना है और इस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के तहत कार्यवाही की जा रही थी। इसके बावजूद जब स्थानीय स्तर पर लोगों की चिंताएं सामने आईं तो सरकार ने संवाद का रास्ता चुना।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूरा सम्मान किया जाएगा, लेकिन जब तक सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति और विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी।

इस फैसले को सरकार के उस दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है जिसमें विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनभावनाओं—तीनों को समान महत्व देने की बात कही गई है।

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