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जन्मदिन समारोह ने बच्चों को खुशी के साथ सामाजिक जुड़ाव, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया।

 

जन्मदिन समारोह ने बच्चों को खुशी के साथ सामाजिक जुड़ाव, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया।

 

जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल के पुत्र मास्टर सनव बंसल ने आज आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर के बच्चों संग अपना जन्मदिन मनाया। मास्टर सनव ने बच्चों के बीच केक काटकर खुशियाँ साझा की इस दौरान बच्चों ले कागज से बना गुलदस्ता सनव को भेट किया। आज जिलाधिकारी देहरादून सविन बसंल की धर्मपत्नी श्रीमती सुरभि बंसल ने अपने दोनों बच्चों सनव और सिविक के साथ आधुनिक केयर सेंटर पंहुची तथा बच्चों के साथ सनव का 08वां जन्मदिन केयर सेंटर के बच्चों संग मनाया। इस दौरान बच्चों ने आपस में खूब मस्ती की। इस प्रयास से जहां जिलाधिकारी ने स्टेटसरूपी खाई पाटने हुए बेटे का जन्मदिन जरूरतमंद बच्चों संग मनाया, वहीं केयर सेंटर के बच्चों में भी उत्साह देखने को मिला।
इंटेंसिव केयर सेंटर के बच्चों ने सनव को अपने बीच पाकर उत्साह एवं प्रसन्नता व्यक्त की। केयर सेंअर के बच्चों ने सनव को जन्मदिन की शुभकाना दी। इस दौरान सेंटर के कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने सनव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी तथा केयर सेंटर के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और कहा कि ऐसे अवसर बच्चों को सामाजिक जुड़ाव एवं आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।
आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में बालश्रम एवं भिक्षावृति परिस्थितियों से रेस्क्यू किए गए बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हुए उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। सेंटर में बच्चों की काउंसलिंग, नियमित अध्ययन, व्यक्तित्व विकास तथा जीवन कौशल से संबंधित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। जिला प्रशासन देहरादून ने कर दिखाया है कि समाज में संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना से ही बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है,इंटेंसिव केयर सेंटर के संचालकों एवं शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
अभी तक 103 बच्चों को मांइड रिफार्म कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए स्कूल में दाखिला दिलाया गया है तथा 50 बच्चे स्कूल में दाखिले को तैयार हो चुके हैं, जिनको शीघ्र स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। आधुनिक इंटेसिंव केयर सेंटर में बालश्रम, भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों को योग, संगीत, खेल आदि विभिन्न गतिविधि के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

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