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गलतियों के लिए कांग्रेस निकाले हाथ जोड़ो यात्रा: भट्ट देहरादून 18 जनवरी। भाजपा ने कांग्रेस की हाथ से हाथ जोड़ों यात्रा पर कटाक्ष करते हुए उन्हेंअपनी गलतियों के लिए माफी मांगते हुए ‘हाथ जोड़ों’ यात्रा निकालने की सलाह दी

गलतियों के लिए कांग्रेस निकाले हाथ जोड़ो यात्रा: भट्ट

 

देहरादून 18 जनवरी।

 

 

 

भाजपा ने कांग्रेस की हाथ से हाथ जोड़ों यात्रा पर कटाक्ष करते हुए उन्हेंअपनी गलतियों के लिए माफी मांगते हुए ‘हाथ जोड़ों’ यात्रा निकालने की सलाह दी है ।

 

प्रदेश अध्यक्ष   महेंद्र भट्ट ने मीडिया द्वारा पूछे सवाल के जबाब में कहा कि जनता तो लगातार कई चुनावों में नकारते हुए कांग्रेस से पहले ही हाथ जोड़ चुकी है । इसलिए यह बेहतर होगा वे अपनी ही पार्टी के नेताओं के आपस में हाथ से हाथ जोड़ने का प्रयास करें ।

 

प्रदेश अध्यक्ष   महेंद्र भट्ट ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि राहुल, प्रियंका या उनका कोई भी दिग्गज कैसी भी यात्रा निकाल ले, विश्वसनीयता शून्य कांग्रेस का ‘साथ और हाथ’ दोनों जनता हमेशा के लिए छोड़ चुकी है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी कांग्रेसियों की पार्टी छोड़ो यात्रा की रफ्तार कम नही हुई बल्कि अधिक तेज हो गयी है । उन्होंने कटाक्ष किया कि अब प्रियंका गांधी की हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा से स्पष्ट होता है दोनों ने भारत को जोड़ने के बजाय आपस में बांट लिया है, क्योंकि इस यात्रा का अधिकांशतया फोकस उस हिन्दी भाषी क्षेत्रों में होगा जहां राहुल की यात्रा नही पहुंची है । उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि विगत 7 दशकों में जनता के बीच कांग्रेस की विश्वसनीयता प्रत्येक विषय पर समाप्त हो गयी है, चाहे भ्रष्टाचार को व्यवहार बनाना हो, चाहे बंद कमरों में दुश्मन देशों से बैठक कर राष्ट्र संप्रभुता को गिरवी रखना हो, कभी बिना लड़ाई के देश के दो टुकड़े करने हो या चीन को हज़ारों हेक्टेयर भूमि सौपना हो, चाहे धर्मनिरपेक्षता की आड़ में धर्म विशेष का तुष्टिकरण और बहुसंख्यकों का शोषण करना हो, चाहे आर्थिक सुधारों के नाम पर देश के संसाधनों की बंदरबांट करना हो या इसी तरह अन्य विषय।

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महेंद्र भट्ट ने कहा कि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश व राष्ट्रीय नेताओं की यात्राओं व वादों को कोई भी गंभीरता से नही लेता है । शायद तभी राहुल गांधी ने इस यात्रा में भी चुनाव हारने के अपने रिकॉर्ड को बरकरार रखा है। उनकी यह यात्रा दो चुनावी क्षेत्रों से गुजरी और दोनों ही जगह तेलंगाना के विधानसभा उपचुनाव व गुजरात चुनाव में करारी हार का सामना पार्टी को करना पड़ा । अब प्रियंका गांधी अपनी बारी में शेष राज्यों में विशेषकर जहां अगले वर्ष चुनाव हैं वहां अपनी ताकत आजमाना और पार्टी में अपने विरोधियों को दिखाना चाहती है ।

उन्होंने कहा कि जो जनता के बीच हाथ से हाथ जोड़ने का दावा कर रहे है उनके स्वयं के हाथ से हाथ नही जुड़े है।

 

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